राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल पथ परिवहन निगम के पेंशनरों को मार्च की पेंशन अप्रैल की 29 तारीख होने के बाद भी नहीं मिली है। पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति व संगठन ने प्रदेश सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।
संगठन पदाधिकारियों का कहना है कि हर माह समय पर पेंशन न मिलने के कारण पेंशनरों को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आश्वासन के बावजूद समाधान नहीं
मुख्यमंत्री के बार-बार दिए आश्वासन के बावजूद पेंशन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। पेंशन जारी करने से संबंधित फाइल पिछले दो सप्ताह से मुख्यमंत्री कार्यालय में लंबित है।
सीएम व डिप्टी सीएम से मिल चुके पेंशनर
समिति राज्य प्रधान देव राज ठाकुर ने यहां जारी बयान में कहा कि पेंशनरों के प्रतिनिधिमंडल कई बार मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से मिल चुके हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
दवाएं और सामाजिक जिम्मेदारियां निभाने में असमर्थ
संगठन के अध्यक्ष केसी चौहान और महासचिव नानक शांडिल ने कहा कि पेंशनरों को हर माह की पहली तारीख को पेंशन मिलनी चाहिए, लेकिन इस बार 29 तारीख गुजरने के बाद भी पेंशन नहीं आई। उन्होंने कहा कि हालात इतने खराब हैं कि पेंशनर दवाएं और सामाजिक जिम्मेदारियों तक को निभाने में असमर्थ हो रहे हैं, उन्हें मजबूरी में अपने बच्चों या रिश्तेदारों से आर्थिक मदद लेनी पड़ रही है।
पेंशन के लिए इधर-उधर दौड़ लगा रहे पेंशनर : जयराम
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि अप्रैल समाप्त होने को दो दिन शेष बचे हैं लेकिन एचआरटीसी पेंशनर मार्च की पेंशन के लिए इधर-उधर दौड़ लगा रहे हैं। तमाम परिस्थितियों का हवाला देते हुए पेंशन के लिए हर माह की 15 तारीख निर्धारित की थी, लेकिन कभी भी उस निर्धारित तिथि पर पेंशन नहीं आई। निगम के पेंशनरों को तीन वर्ष से ज्यादा समय से मेडिकल बिल का भी भुगतान नहीं हुआ है। लोग या तो अपनी जमा पूंजी खर्च कर, उधार लेकर इलाज करवा रहे हैं या बिना इलाज के कष्ट उठाने को विवश हैं।







