जागरुकता कार्यशाला आयोजित : किसानों को कर्ज लेकर खुद का व्यवसाय शुरू करने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया

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जामताड़ा के नगर भवन परिसर दुलाडीह में शुक्रवार को कृषि अधोसंरचना कोष विषय पर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया. उप विकास आयुक्त अनिलसन लकड़ा, जिला कृषि अधिकारी रंजीत मंडल, जिला भूमि संरक्षण अधिकारी रिजवान अंसारी, एलडीएम आरके बैठा, डीडीएम नाबार्ड, निदेशक जीटी भारत सहित अन्य पदाधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की.

डीडीसी ने कहा कि जागरूकता अभियान चलाकर जिले के सभी प्रमुख कृषि उद्यमियों और कृषि से जुड़े लोगों को इस योजना का व्यापक लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा. जिला प्रशासन की ओर से जिले के अधिक से अधिक किसानों को योजना से लाभान्वित किया जायेगा।

उप विकास आयुक्त ने उद्यमियों से कोल्ड स्टोरेज एवं फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने का आह्वान किया. बताया गया कि कृषि क्षेत्र के किसानों और उद्यमियों के लिए कृषि अधोसंरचना कोष के माध्यम से एक लाख करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गयी है. जिसमें झारखंड को 1445 करोड़ रुपये मिले हैं।

किसानों को अभिसरण के माध्यम से अन्य योजनाओं के साथ जोड़कर एआईएफ योजना का लाभ उठाने का भी प्रयास करना चाहिए, जिससे वे अधिक लाभ प्राप्त कर सकेंगे। कृषि विभाग की ओर से कृषि निदेशालय, झारखंड सरकार, रांची की परियोजना प्रबंधन इकाई ने कहा कि कृषि अधोसंरचना निधि योजना का लाभ लेने में जामताड़ा जिला झारखंड में नंबर वन हो सकता है.

अब तक जिले के कई किसान योजना का लाभ लेकर अपना व्यवसाय शुरू कर चुके हैं। कार्यशाला की परियोजना प्रबंधन इकाई ने किसानों से कहा कि योजना का लाभ लेने के लिए उन्हें अपना सिविल स्कोर फिक्स करना होगा। ताकि उन्हें बड़ा कर्ज मिल सके और गरीब किसान भी अपना व्यवसाय शुरू कर सकें।

कैसे उठाएं इस योजना का लाभ
इस योजना का लाभ लेने के लिए www.agriinfra.doc.go v.in पर लॉग इन कर आवेदन किया जा सकता है। केंद्र सरकार द्वारा सब्सिडी सीधे किसानों के ऋण खाते में दी जाएगी। इस दौरान परियोजना प्रबंधन इकाई, कृषि निदेशालय के प्रतिनिधियों ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से किसानों को बताया कि कैसे आवेदन करें और परियोजना का लाभ कैसे उठाएं।

किसानों को ऋण आवेदन करने एवं प्राप्त करने में पूर्ण सहयोग करने की बात कही। झारखंड में परियोजना प्रबंधन इकाई का संचालन कृषि निदेशालय में वैश्विक संगठन ग्रांट थॉर्नटन इंडिया द्वारा किया जा रहा है। कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की योजनाओं की जानकारी दी। पीएमयू की टीम ने प्रेजेंटेशन के जरिए दी जानकारी

एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड क्या है
कृषि अवसंरचना कोष की स्थापना 2020 में केंद्र सरकार द्वारा की गई थी। फ़सल कटाई के बाद के बुनियादी ढाँचे के प्रबंधन और सामुदायिक कृषि संपत्तियों में निवेश के लिए मध्यम और दीर्घकालिक ऋण वित्तपोषण की सुविधा प्रदान करता है। वित्तीय सुविधा के तहत, 2 करोड़ रुपये की सीमा तक 3% प्रति वर्ष का ब्याज सबवेंशन होगा। 2 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण के मामले में, ब्याज अनुदान 2 करोड़ रुपये तक सीमित रहेगा।

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